न बचा है न बचेगा,
काल ज्वाला सब जलेगा
वक़्त जब तांडव करेगा,
रक्त झर-झर तब बहेगा
सूर्य तब ठंडा पड़ेगा,
सर्द सागर भी तपेगा ..
काल ज्वाला सब जलेगा
वक़्त जब तांडव करेगा,
रक्त झर-झर तब बहेगा
सूर्य तब ठंडा पड़ेगा,
सर्द सागर भी तपेगा ..
( From The Incomplete Works of Kartikeya Kaul , Inspired by Doga )

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